ODI में जीरो पर सबसे ज्यादा बार आउट होने वाले टॉप-5 प्लेयर, लिस्ट में ये दिग्गज खिलाड़ी भी शामिल

5. मुथैया मुरलीधरन- क्रिकेट इतिहास के सबसे महानतम स्पिनरों में शुमार मुथैया मुरलीधरन के सामने बड़े-बड़े बल्लेबाज संघर्ष करते नजर आते थे। टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट लेने का रिकॉर्ड आज भी मुरलीधरन के खाते में ही दर्ज है। लेकिन मुरलीधरन उन खिलाड़ियों में से भी है जो सबसे ज्यादा बार शून्य पर आउट हुए हैं अपने कैरियर में मुरलीधरन कुल 25 बार बिना खाता खोले ही पवेलियन लौटे हैं। जिसमें 13 बार तो गोल्डन डक है,यानी की पहली ही गेंद पर आउट हो गए थे। 4. महेला जयवर्धने - चौथे स्थान पर जिस खिलाड़ी का नाम आता है उसका ताल्लुक भी श्रीलंका से ही है। श्रीलंका की तरफ से जयवर्धने ने 448 वनडे मैचों में कुल 12650 रन बनाए हैं। अपने शानदार कैरियर में जयवर्धन ने 28 बार जीरो पर पवेलियन लौटे हैं। जयवर्धने ने अपने कैरियर में 19 शतक और 77 अर्धशतक लगाए हैं। 3.वसीम अकरम- पाकिस्तान के तरफ से खेलने वाला ये दिग्गज क्रिकेटर अपने खतरनाक गेंदबाजी के लिए जाना जाता था। बड़े-बड़े बल्लेबाज इनके यॉर्कर के सामने धराशाई हो जाते थे। लेकिन इन्हीं के नाम सबसे ज्यादा बार गोल्डन डक पर आउट होने का रिकॉर्ड है। वसीम पूरे कैरियर में कुल 28 बार शून्य पर आउट हुए हैं जिसमें 14 बार गोल्डन डक का शिकार हुए हैं। 2.शाहिद अफरीदी- अपने समय के सबसे दिग्गज ऑलराउंडर रहे शाहिद अफरीदी के विस्फोटक अंदाज में बैटिंग करने के लिए मशहूर थे। पूरे कैरियर में इन्होंने कभी भी जिम्मेदारी भरी बल्लेबाजी नहीं की इसका खामियाजा पाकिस्तान को कई बार भुगतना पड़ता था। अफरीदी अपने करियर में 30 बार 0 पर पवेलियन लौटे जिसमें 13 बार गोल्डन डक का शिकार हुए। 1.सनथ जयसूर्या- श्रीलंका के महानतम खिलाड़ियों में से एक रहे सनथ जयसूर्या ने न जाने कितनी बार अपने ऑलराउंडर परफॉर्मेंस से अकेले दम पर अपनी टीम को मैच जिताया है। 445 एकदिवसीय मुकाबले में जयसूर्या ने 13430 रन बनाए जिसमें 28 शतक और 68 अर्धशतक शामिल है।लेकिन इन्हीं के नाम सबसे ज्यादा बार जीरो पर आउट होने का रिकॉर्ड है। पूरे कैरियर के दौरान जयसूर्या 34 बार शून्य पर आउट हुए हैं जिसमें 10 बार गोल्डन डक का शिकार बने।

ODI में जीरो पर सबसे ज्यादा बार आउट होने वाले टॉप-5 प्लेयर, लिस्ट में ये दिग्गज खिलाड़ी भी शामिल

5. मुथैया मुरलीधरन- क्रिकेट इतिहास के सबसे महानतम स्पिनरों में शुमार मुथैया मुरलीधरन के सामने बड़े-बड़े बल्लेबाज संघर्ष करते नजर आते थे। टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट लेने का रिकॉर्ड आज भी मुरलीधरन के खाते में ही दर्ज है। लेकिन मुरलीधरन उन खिलाड़ियों में से भी है जो सबसे ज्यादा बार शून्य पर आउट हुए हैं अपने कैरियर में मुरलीधरन कुल 25 बार बिना खाता खोले ही पवेलियन लौटे हैं। जिसमें 13 बार तो गोल्डन डक है,यानी की पहली ही गेंद पर आउट हो गए थे।

4. महेला जयवर्धने - चौथे स्थान पर जिस खिलाड़ी का नाम आता है उसका ताल्लुक भी श्रीलंका से ही है। श्रीलंका की तरफ से जयवर्धने ने 448 वनडे मैचों में कुल 12650 रन बनाए हैं। अपने शानदार कैरियर में जयवर्धन ने 28 बार जीरो पर पवेलियन लौटे हैं। जयवर्धने ने अपने कैरियर में 19 शतक और 77 अर्धशतक लगाए हैं।

3.वसीम अकरम- पाकिस्तान के तरफ से खेलने वाला ये दिग्गज क्रिकेटर अपने खतरनाक गेंदबाजी के लिए जाना जाता था। बड़े-बड़े बल्लेबाज इनके यॉर्कर के सामने धराशाई हो जाते थे। लेकिन इन्हीं के नाम सबसे ज्यादा बार गोल्डन डक पर आउट होने का रिकॉर्ड है। वसीम पूरे कैरियर में कुल 28 बार शून्य पर आउट हुए हैं जिसमें 14 बार गोल्डन डक का शिकार हुए हैं।

2.शाहिद अफरीदी- अपने समय के सबसे दिग्गज ऑलराउंडर रहे शाहिद अफरीदी के विस्फोटक अंदाज में बैटिंग करने के लिए मशहूर थे। पूरे कैरियर में इन्होंने कभी भी जिम्मेदारी भरी बल्लेबाजी नहीं की इसका खामियाजा पाकिस्तान को कई बार भुगतना पड़ता था। अफरीदी अपने करियर में 30 बार 0 पर पवेलियन लौटे जिसमें 13 बार गोल्डन डक का शिकार हुए।

1.सनथ जयसूर्या- श्रीलंका के महानतम खिलाड़ियों में से एक रहे सनथ जयसूर्या ने न जाने कितनी बार अपने ऑलराउंडर परफॉर्मेंस से अकेले दम पर अपनी टीम को मैच जिताया है। 445 एकदिवसीय मुकाबले में जयसूर्या ने 13430 रन बनाए जिसमें 28 शतक और 68 अर्धशतक शामिल है।लेकिन इन्हीं के नाम सबसे ज्यादा बार जीरो पर आउट होने का रिकॉर्ड है। पूरे कैरियर के दौरान जयसूर्या 34 बार शून्य पर आउट हुए हैं जिसमें 10 बार गोल्डन डक का शिकार बने।